सबका साथ–सबका विकास वाला बजट, ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव:युवा, किसान, नारी शक्ति और मध्यम वर्ग को मिला सीधा लाभ – रितेश गुप्ता

सबका साथ–सबका विकास वाला बजट, ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव:युवा, किसान, नारी शक्ति और मध्यम वर्ग को मिला सीधा लाभ – रितेश गुप्ता

सूरजपुर। भाजयुमो के पूर्व प्रदेश महामंत्री रितेश गुप्ता ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सबका साथ–सबका विकास की भावना को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि बजट की मूल थीम ‘विकसित भारत’ है, जो देश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में ठोस रोडमैप प्रस्तुत करती है।रितेश गुप्ता ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। युवा, गरीब, अन्नदाता (किसान) और नारी शक्ति को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं, जिससे समावेशी विकास को वास्तविक धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने से युवाओं को नई दिशा मिलेगी।उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई, भंडारण और कृषि से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इससे गांवों में ही रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।नारी शक्ति के सशक्तिकरण पर बोलते हुए रितेश गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने से सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक बदलाव आएगा।आर्थिक सुधारों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नई आयकर व्यवस्था के तहत मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है। आयकर स्लैब में बदलाव और कर प्रणाली के सरलीकरण से करदाताओं का भरोसा बढ़ेगा, जिससे उपभोग और निवेश को गति मिलेगी। यह कदम देश की आंतरिक अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।रितेश गुप्ता ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भारी निवेश का प्रावधान रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क, रेल, ऊर्जा, आवास और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उद्योगों को नई गति मिलेगी।उन्होंने बताया कि बजट में चार इंजन विकास मॉडल को अपनाया गया है, जिसमें कृषि, निवेश, नवाचार (एआई सहित) और निर्यात को मजबूत करने पर विशेष जोर है। इसके साथ ही ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और विनिर्माण में घरेलू क्षमताओं को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और सशक्त किया गया है। मेक इन इंडिया के तहत देश में उत्पादन बढ़ेगा और भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरेगा।अंत में रितेश गुप्ता ने कहा कि इस बजट में वित्तीय घाटे को नियंत्रित रखते हुए विकास की गति बनाए रखने का संतुलित प्रयास किया गया है। यह बजट न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखता है।